गुरुवार, 15 सितंबर 2011

कवि सम्मेलन सम्पन्न



कवि सम्मेलन सम्पन्न
हिन्दी अकादमी द्वारा प्रायोजित एवम महाराष्ट्र मित्र मंडल द्वारका आयोजित कवि सम्मेलन द्वारका, नई दिल्ली में सफलता पूर्वक सम्पन्न हुआ. कवि सम्मेलन का सफल संचालन अंतर्राष्ट्रीय कवियत्री डा. कीर्ति काले द्वारा किया गया. इसमे पधारे कवि गणों में सर्वश्री उदय प्रताप सिंह, लक्ष्मी शंकर बाजपेयी, अलका सिन्हा, डा. अरविन्द चतुर्वेदी , महेन्द्र शर्मा एवम रमेश गंगेले अनंत शामिल थे.
कवि सम्मेलन का शुभारम्भ कवियत्री डा. कीर्ति काले द्वारा शारदे वन्दना से हुआ. तत्पश्चात श्री रमेश गंगेले ने ओज़ पूर्ण कविताओं में आतंकवाद तथा पाकिस्तान पर काव्य-प्रहार किये. इसके बाद डा. अरविन्द चतुर्वेदी ने हिंगलिश में रचित हास्य कविताओं व दुमदार दोहों से श्रोताओं को गुद्गुदाया.
हास्य सम्राट महेन्द्र शर्मा ने भ्रष्टाचार में लिप्त नेताओं पर हास्य-व्यंग्य की रचना सुनाकर वाह-वाही लूटी. आकाशवाणी के निदेशक श्री लक्ष्मी शंकर बाजपेयी ने सस्वर पाठ करते हुए पहले कुछ नये ढंग के मुक्तक सुनाये.इसी क्रम को जारी रखते हुए दोहे और गज़लें सुनायी जिन्हे श्रोताओं ने पूरे मनोयोग से सुना और जमकर प्रशंसा की. तदुपरांत कवियत्री डा. कीर्ति काले द्वारा मधुर गीत व मुक्तक प्रस्तुत किये तथा श्रोताओं की फरमाइश पर रचनायें प्रस्तुत कीं.
कवयित्री अलका सिन्हा ने जीवन के अनछुवे पहलुओं पर कवितायं सुनाकर आमंत्रित श्रोताओं का मन मोह लिया. कवि सम्मेलन का समापन वरिष्ठ कवि एवम सांसद श्री उदय प्रताप सिंह के काव्य पाठ से हुआ. उन्होने चान्दनी विषय पर तथा जीवन दर्शन से जुड़ी कवितायें सुनाकर श्रोताओं को मंत्र-मुग्ध कर दिया.
( चित्र में बायें से श्री उदय प्रताप सिंह, डा. कीर्ति काले, (माइक पर) अलका सिन्हा, लक्ष्मी शंकर बाजपेयी, डा. अरविन्द चतुर्वेदी , महेन्द्र शर्मा एवम रमेश गंगेले अनंत, कवि सम्मेलन के कुछ अंश यू-ट्यूब पर (यहां) http://www.youtube.com/watch?v=DccVGBJ2DrI तथा
http://www.youtube.com/watch?v=Plc-zt03AYc उपलब्ध हैं.

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